23 फ़रवरी 2012

आफ्सीन.....रिश्ते


वो पल
जो हसीन होते हैं,
वो बहुत
नामचीन होते है,
ढूंढ कर लाओ,
तलाशों,
रोशनी के चिराग,
कोशिश करो दोस्त,
ये बहुत
खुर्दबीन होते है,
सोचता हूँ के
कह दूं
अंतर में धसे
निरे शब्द,
यूं तो ये रिश्ते भी
सब
तमाशबीन होते है,
अमराईयों में भी  आजतक
चिपके है
हुलसे हुए दिल,
सच में
कुछ रिश्ते तो
बेहद
निरीह, दीन होते हैं,
सोचता हूँ तो
बहुत दूर तलक जाता हूँ,
लौटता हूँ तो  फकत
नाम भूल जाता हूँ,
तुमने ढूंढें थे जो रिश्ते
सड़क में
गलियों में,
कितने भी मजबूत हों मगर  
सब आफ्सीन  होते है .

-कुश्वंश


हिंदी में