22 दिसंबर 2011

अलविदा ए वर्ष.....

अलविदा ए वर्ष
तुम्हारा अभिनन्दन,  
सीने पर ले चले
भ्रष्टता का क्रंदन,  
कभी नहीं सोचा था
तुम ऐसे जाओगे,  
कुछ खुशियाँ को,
कुछ जीवन को,  
रंगबिरंगा कर  जाओगे , 
उथल पुथल से भरा रहा 
ये सारा वर्ष, 
जीवन मुझसे करता था
कितना संघर्ष, 
गर्द  हो गई  मन में थी जो
आस बेचारी, 
सिसक रही  है   कही किनारे 
हवा कुंवारी,
कितनी कुंठित, संकुचित कितनी सीमाएं, 
दर्प लपेटे  खुदगर्जों की सभी दिशाए , 
कहीं किसी कूड़े  में 
कन्या भ्रूण मिले
सभ्य समाज से   
कैसे किसको प्यार मिले  ,   
क्या किया तुमने  कुछ 
अपने से संघर्ष ?
क्या   पल भर भी किया  
स्वयं से  कुछ   विमर्श ?
कहा चले  तुम  
खेल खेलकर, मूल्यों का ,
गहन अँधेरा फैलाकर
निर्मूल्यों का, 
कैसे मैं इस वर्ष को खाली
सा जाने दू,
आने वाले वर्ष से क्या
कामना करू?
जाने वाले वर्ष  तुम्ही 
उसको समझाना, 
आने वाले को बस  सच्ची 
राह दिखाना, 
स्वीकार करो बस बुझे   
नागरिक का वंदन, 
अलविदा ये  वर्ष   
तुम्हारा अभिनन्दन.  

-कुश्वंश


  

18 टिप्‍पणियां:

  1. आने वाले समय का अभिनन्दन करना...जाते को अलविदा कहना...जरुरी है...उम्दा रचना.

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  2. सुबह वही दिन वही शाम वही रात वही
    बस परदे बदल जाते हैं - २०११ से २०१२

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  3. जो गुजर गया , वो सपना था ।
    आने वाला पल , बस अपना है ।

    शुभाक्मानायं भाई जी ।

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  4. कल 23/12/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. सुंदर भावाव्यक्ति...समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है http://mhare-anubhav.blogspot.com/

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  6. स्वीकार करो ऐ वर्ष
    नागरिक का वंदन,
    अलविदा एय वर्ष
    तुम्हारा अभिनन्दन.

    सुन्दर अभिव्यक्ति ..

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  7. भावों से नाजुक शब्‍द......बेजोड़ भावाभियक्ति....

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  8. beeta hua kal hi aane wale kal ka aadhar hota hai. afsos ki aadhaar to nrmoolyon se, kureetiyon se bhara hua hai...vazib hai aashapoorn soch hona mushkil hai lekin fir bhi jab tak aashapoorn soch nahi rakhenge to aage badhenge kaise...bas yahi soch rakhte hue nav varsh ka swagat karna hai aur use acchha banane k liye koshish karni hai.

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  9. आने वाले वर्ष से क्या
    कामना करू?
    जाने वाले वर्ष तुम्ही
    उसको समझाना,
    आने वाले को बस सच्ची
    राह दिखाना...
    सुन्दर कामना... सुन्दर रचना...आभार

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  10. नए वर्ष को सीख मिले बीते वर्ष से तो कितना अच्छा हो ! नए वर्ष की शुभकामनाएँ ।

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  11. भावपूर्ण अभिव्यक्ति में कसक बिजली की तरह कौंध गई है.

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  12. The year 2011 is almost over at a sad note . Let's welcome 2012 with a "Hope".

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  13. सार्थक, सामयिक पोस्ट, बधाई.

    मेरे ब्लॉग पर भी पधार कर अनुगृहीत करें.

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  14. जाने वाले वर्ष तुम्ही
    उसको समझाना,
    आने वाले को बस सच्ची
    राह दिखाना,


    बस यही हमारी भी कामना है....

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  15. दे गया जख्म
    बहुत सारा,
    हाय रे, वर्ष
    2011

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आपके आने का धन्यवाद.आपके बेबाक उदगार कलम को शक्ति प्रदान करेंगे.
-कुश्वंश

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