15 अप्रैल 2011

सपने सब सपने होते है











कुछ सपने
सच्चे होते है,
कुछ सपने
अच्छे होते है,
सतरंगी ख्वाबों के सपने,
कुछ सपने
कच्चे होते है,
कुछ सपने
बच्चे होते है,
गुडिया के गहनों के सपने ,
जुड़वाँ उन बहनों के सपने,
चाकलेटी तालाब के सपने ,
टाफी के सैलाब के सपने
परियो जैसे पंख लगे हों,
चिडियों जैसे रंग सजे हों,
फिर आये रफ़्तार के सपने,
किशोर रंग संसार के सपने,
पैरो में बिखरी दुनियां के,
मुठ्ठी में संसार के सपने,
फिर तिरछी चितवन के सपने,
आकर्षण , मनुहार के सपने
मै तुझमे, तुम मुझमे बसते,
ऐसे रंग बहार के सपने,
मै ऐसा हूँ,तुम ऐसी कैसे
फिर आये तकरार के सपने,
दूर तलक फिर साथ निभाते
आये मन मनुहार के सपने ,
अब धुंधली आँखों  के सपने
शिथिल पैर, पतवार  के सपने,
कुछ सपने झूठे होते है,
कुछ सपने रूठे होते है,
सपने सब सपने होते है,
वो कुछ ही  अपने होते है
बस..  कुछ ही अपने होते है ...?

-कुश्वंश

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