15 मार्च 2014

होली की हार्दिक शुभकामनायें



होली मे
मुह लाल नहीं
रंगीन बनाओ
होली मनाओ ...........
अंदर तक जो
छिपे हुये हैं
गिले शिकवे
वास्तव मे ,
सच्चे अर्थों मे आज भुलाओ
होली मनाओ ...........
रिस्ते-नाते
ओझल है जो,
दूर हो गए नज़रों से
होली मिठास की
उनमे फिर से
खुशी जागाओ
होली मनाओ ...........
माँ की ममता
बच्चों का स्नेह
आस-पास का बिखरा नेह
सबका फिर से मूल्य निबाहो
होली मनाओ ...........
रंगों का त्योहार निराला
विस्वप्रेम की  बुनलों माला
ईर्स्या, कटुता आतंकवाद  का
राग भुलाओ
होली मनाओ ...........


होली की हार्दिक शुभकामनायें

कुशवंश

5 टिप्‍पणियां:

  1. ईर्स्या, कटुता आतंकवाद का
    राग भुलाओ
    होली मनाओ ...........
    ..... होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

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  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन संदीप उन्नीकृष्णन अमर रहे - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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आपके आने का धन्यवाद.आपके बेबाक उदगार कलम को शक्ति प्रदान करेंगे.
-कुश्वंश

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