31 मई 2011

हमको फिर जिताओ ..!



 
नेताजी
मंच से दहाड़े
कौन है माई का लाल
जो हम और
हमारी जनता के बीच में आये
पांच साल पहले
तुम्ही हमको सर पे बिठाए थे
हम का कहे थे   
बहुत भूंखे है हम  
तुम्हारे कंधो पे चढ़ के जायेगे
पहले अपनी भूंख मिटायेंगे
तभी तो तुम्हारा पेट भर पाएंगे
और अब  नहीं रही  कोई भूख
हमरा पेट अब
मुह तक भरा है
का करे ससुर..
बड़ा अफरा लगा है
इन पांच साल
अपने कुनबा के लिए बहुत किये
अब आपके लिए  करेंगे
भगवान् कसम
आपका घर भरेंगे
सच्ची  ..! 
अब आपकी बारी है
आपको उठाने की
पूरी तैयारी है  
किसी और को जिताओगे
फिर मुह की खाओगे
वो भी हमारी तरह  
भूंखा  है
नंगा है  
पहले खुद खायेगा
फिर तुम्हे खिलायेगा
हम तो सत्यवादी है
सच बोल दिए  
तुम्हारे आगे
अपना चिट्ठा खोल दिए
तुम तो समझदार हो,
समझ ही जाओगे
अगर चाहते हो  परगति
तो
उस नंगे को भूल जाओ
और एक बार फिर    
हमही को जिताओ   
हमही को जिताओ  .........


-कुश्वंश





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